आदि के बारे में आदि के ब्लोग पर तो बहुत कुछ है.. पर आज सोचा क्यों न इस ब्लोग पर भी आदि के बारे में कुछ लिखुँ.. आज आदि तो बहुत याद कर रहा हूँ..
मेरी इच्छा होती कि कभी आदि आये और मेरे सीने पर सो जाये पर वो ये मौका कभी नहीं देता था.. अपने हाल में मस्त.. आजाद रहना उसे ज्यादा पंसद है शायद.. पर एक दिन उसने मुझे ये मौका दिया.. वो चुपके से मेरे सीने में दुबक गया.. और मुझे शायद मन माँगी मुराद मिल गई.. अब आदि अक्सर मेरे पास आकर मेरे सीने पर सो जाता है.. और में उन पलों का भरपूर आंनद लेता हूँ..
लव यू बेटा!!