युगान्तर

वो सुबह कभी तो आयेगी..............

Showing posts with label reservation. Show all posts
Showing posts with label reservation. Show all posts

केसरीया बालम......

मई - जुन माह मे राजस्थान मे एसी गर्मी कभी नहीं महसूस की गई. आजादी के साठ वर्षो कि यह भीषणतम तपीश है. इसकी चपेट में धीरे - धीरे कई राज्य आ रहे है.

लेकिन मुश्किल ये है कि ये तपिश प्राकृतिक नहीं है, मानव निर्मित है. इसलिये इसका समाधान भी "मानव" को ही करना है.

ये उदाहरण है जरा से फायदे के लिये देश, समाज और मानवता का गला घोंटने की. "सामाजिक दादागीरी" कि इससे बडी मिसाल नहीं होगी!

यह शायद इस बात का भी प्रतिक है कि इस "महान" लोकतन्त्र मे "हम" जनता अपने प्रतिनीधि चुनने मे कितने अपरिपक्व हैं.

केसरीया बालम जल रहा म्हारा देश रे.
धोला धोला धोरीया मे लागी कैसी आग है
मिनख कई मर गया, नहीं किन्हेई होश है.
रोटी अपणी सेक रहया, गुर्जर हो या मीणा.
"राणी" तामाशा देख रही, अपणे झरोखा बैठ कर
टाबरिया तो दुध ने तरसे, मुसाफिर सब हैरान
जीवन अठे तो ठहर गयो है, अब सुध लेल्यो कोय!

शान्त कहे जाने वाले रेगिस्तान के इस बवन्डर को सालों याद किया जायेगा, और हम राजस्थानीयो को अपना सिर शर्म से झुकाना पडेगा.

My Blog List

Followers

About this blog

संकलक

www.blogvani.com चिट्ठाजगत