युगान्तर

वो सुबह कभी तो आयेगी..............

हूँ अपनी प्रतिक्रिया का इंतजार कर....

(हमेशा स्पैम मेल अंग्रेजी में मिलती थी.. आज पहली बार हिंदी में मिली है... मुझे इस प्रस्ताव में दिलचस्पी नहीं है... अगर आप को है तो संपर्क कर लें.)

एमआर. कोफी नाना
शाखा प्रबंधक
अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक बैंक
KUMASI शाखा घाना.

नमस्ते प्रिय,

              मेरा नाम कोफी नाना है, मैं अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक बैंक शाखा Kumasi घाना के शाखा प्रबंधक हूँ. मैं इंटरनेट के माध्यम से अपनी खोज के दौरान आपकी जानकारी मिली. मैं 46years की उम्र के सुंदर हूँ और 3 बच्चों के साथ शादी कर ली. यह आप को सुनने के लिए है कि मैं शांति के एक आदमी हूँ और मैं समस्या नहीं चाहता ब्याज सकता है, लेकिन मुझे नहीं पता कि कैसे आप इस बारे में लग रहा है क्योंकि आप डबल मन हो सकता है. लेकिन मैं आपको लगता है कि यह असली है और आप मेरे साथ इस लेन - देन करने के बाद पछतावा नहीं जा रहे हैं कह रहा हूँ. मैं केवल आशा है कि हम एक दूसरे की सहायता कर सकते हैं. लेकिन अगर तुम इस व्यापार नहीं करना चाहते हैं कृपया इसे भूल जाओ और मैं तुम्हें फिर से संपर्क नहीं करेगा प्रदान करते हैं.

              मैं एक वित्तीय अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक बैंक Kumasi घाना के क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में है कि हम दोनों को लाभ होगा लेनदेन, पैक किया है. यह मेरे लिए एक वित्तीय रिपोर्ट में राजधानी (अकरा, घाना में अपने मुख्य कार्यालय को भेज कर्तव्य प्रत्येक वर्ष के अंत में) है. पिछले वर्ष 2009 की रिपोर्ट पिछले साल के अंत के पाठ्यक्रम पर, मुझे पता चला कि मेरी शाखा जिसमें मैं मैनेजर हूँ 3,750,000 [डॉलर 3, 750.000.00] जो मेरे सिर कार्यालय इसकी जानकारी नहीं है बनाया और के बारे में पता होना कभी नहीं होगा. मैं के बाद से जगह हम क्या किसी भी लाभार्थी के बिना उचंत लेखा फोन पर इस निधि.

              बैंक के एक अधिकारी मैं सीधे इस निधि से कनेक्ट नहीं किया जा सकता है, तो यह मुझे तुम हमारे लिए काम करने के लिए संपर्क करने की जानकारी दी है, ताकि आप की सहायता के लिए और अपने बैंक खाते में हमारे लिए इस कोष में हिस्सा प्राप्त कर सकते हैं. आप मतलब जबकि कुल फंड का 35% है, तो ध्यान दें वहाँ व्यावहारिक रूप से कोई जोखिम भी शामिल हैं, यह बैंक स्थानान्तरण करने के लिए बैंक की जाएगी, मैं तुम्हें इस निधि के साथ जो जमा किया के मूल जमाकर्ता के रूप में दावा स्टैंड से की जरूरत है हमारे शाखा इतना है कि मेरे सिर के कार्यालय अपने नामित बैंक खाते में स्थानांतरण आदेश कर सकते हैं.

              यदि आप यह मेरे साथ काम करने की पेशकश स्वीकार करते हैं, मैं इसे बहुत ज्यादा के रूप में जल्दी के रूप में मैं सराहना करेंगे अपनी प्रतिक्रिया मैं तुम्हें कैसे हम इसे सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकते हैं पर विवरण दे देंगे प्राप्त करते हैं. कृपया मुझे इस ईमेल पते के साथ संपर्क करें: kofi.nana55 @ yahoo.com

सर्वश्रेष्ठ सादर
श्री कोफी नाना

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आदि यहाँ है...

क्या काबुल में भी गधे होते है...

पॉल बाबा
पॉल के चक्कर में पुरी दुनिया घूम रही है.... पॉल बहुत बड़ा भविष्यवक्ता हो गया... अमिताभ से लेकर तमाम बड़ी हस्तियाँ उसके गुणगान गाने लगी.. है कौन ये पॉल.. एक ओक्टोपस न.. कुछ इशारा किया सही हो गया.. कभी गलत भी होगा.. तुक्का कैसे लगा.. कुछ पता नहीं.. पर तथाकथित विकसित देश भी इस झांसे में आ गए... हैरानी होती है भारत को सपेरों का देश कहने वाले यूरोपीय आज २१ वीं सदी में एक ओक्टोपस की चर्चा कर रहें है.... और तरस आता है जर्मनी पर उसकी भविष्यवाणी सही होने पर उसे बेचारे ओक्टोपस को मरने मारने पर उतारू है.. ये सब तुम्हारा की हो किया धरा है.. बेचारे को समुद्र से पकड़ लाये... कुछ हिलाना डुलना और डिब्बे पर बिठाना सीखा दिया...  उसके किसी डिब्बे पर बैठने के अपने मायने तय कर दिए.. जय हो...
काबुल में गधे..

सपेरों के देश भारत में ये सदियों से हो रहा है.. पूरा "विज्ञान?" बना है.. हर तरह की भविष्वाणी करते है... ज्यादातर मनुष्य करतें है.. कुछ तोते भी है..

पॉल को देख दो बातें समझ आती है...
१. भारत ज्यादा विकसित देश है... यहाँ कम से कम इंसान की बातों का भरोसा किया जाता है...
२. काबुल में भी गधे होते है....


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आदि की बातें यहाँ है...

शादी और मिडिया

गौरव कुमार प्रजापति की पोस्ट "धोनी की शादी में पत्रकारों की फजीहत" पर टिपण्णी ओसत से ज्यादा हो गई तो सोचा इसकी एक पोस्ट बना देते है..:)

"अगर मिडिया को लगता है उनके साथ नाइंसाफी हुई तो एक लाइन में खबर दिखा/चला देते.."सूत्रों के अनुसार धोनी की शादी है" और दो लाइन खर्च करनी हो तो जोडते.."मिडिया को इसका कवरेज करने की अनुमति नहीं दी जा रही"
मीडिया क्यों जिद्द पर अड़ा रहता है... की हर खबर लाइव दिखायेगें.. सबसे पहले.. धोनी की शादी कोई जनउत्सव या मेला नहीं.. उसका व्यकितगत मसला है...  शादी करने के लिए उसने देश से पैसा नहीं लिया..
धोनी ने मीडिया का इस्तेमाल किया तो मीडिया ने भी किया.. ये तो आपस का व्यवहार है... किसी ने किसी पर कोई अहसान नहीं किया.. ये तो शुद्ध व्यापार है..
अगर फोटो की अनुमति नहीं है.. तो क्यों चोरी छिपे फोटो का जुगाड कर छापी/दिखाई.. ये कहाँ की नैतिकता है... जब भला आदमी कह रहा है की मेरी फोटो मत लो... तो माफ कर दो न.. अगर धोनी की शादी की फोटो नहीं देखेगें तो कौनसी आफत आने वाली है... क्या पता भाई ने फोटो के अधिकार किसी कंपनी को बेच दिए हो..
पत्रकार ऐसी हरकत कर खुद अपना ही मूल्य कम करते है.. सानिया की शादी में भी तो ऐसा ही हुआ...
क्या हम उनकी व्यकितगत जिंदगी को अलग नहीं कर सकते?"
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आदि की स्कुल शुरू हो गई.. आदि की खबरें  यहाँ है...

पानी पी पी कर कोसने का मौक़ा चला गया....

शहीद का अंतिम संस्कार... और मुख्यमंत्री के बेटे का जश्न... कितना सुनहरा मौका था न नेताओं को गाली देने का.. राहुल गांधी और सोनिया गांधी से लेकर सारी कांग्रेस को कोसने का... पर अफसोस.. सारा मजा चला गया.. ये तो भाजपा का नेता निकला..  कोई नहीं फिर मौक़ा मिलेगा...

(फोटो भास्कर से)
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आदि की मीठी बातें यहाँ है...

नया तोहफा.. उनके लिए जो ब्लोगर से प्यार करते है....

वर्ड प्रेस में ब्लॉग ट्रेफिक  मोनिटरिंग की सुविधा पहले से थी. पर ब्लोगर में नहीं.. इसलिए कई बार ब्लोगर वर्डप्रेस से १९ लगता था.. मेरे जैसे लोग जो इस ब्लॉग पर यदाकदा लिखते है.. ट्रेफिक की जानकारी के लिए कहीं पंजीयन करना... कोड लगना... झंझट का काम लगता था.. आज ब्लोगर ने ये कमी दूर करते हुए.. ब्लोगर ड्राफ्ट में stat सुविधा शुरू कर दी.. और मजे की बात ये की आपको कुछ नहीं करना... ये स्वत ही चालु हो गई... ज्यादा जानकारी यहाँ से ले...


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और आदि से मिलना है तो  यहाँ जाएँ......

थाई मसाज (Thai Massage)

सफारी वर्ड में थाई मसाज का आनंद लिया... देखें ये वीडियो....



बाकी बातें आदि के ब्लॉग पर..... यहाँ, यहाँ और यहाँ  है...

(Safari world, Bangkok, Thailand)

बच्चों के लिए ५ खतरनाक चीजें - गेवर टुली

कैसे हम बच्चों को सीखने से रोक देते है.. और कैसे सिखा सकते है.. देखें इस वीडियो में..



आदि ये सब करने वाला है...



Gever Tulley on 5 dangerous things for kids

सफारी वर्ड टिप्स.. (Tips to visit safari world)

बैंकोक घूमने का प्लान है और सफारी वर्ल्ड जा रहे है तो ये टिप्स लेते जाइए... शायद काम आ जाए...

  1. सप्ताह के दिनों में ये सुबह १० बजे खुलता है और छुट्टियों और सप्ताहांत के दिन सुबह ९ बजे... ३६५ दिन खुलता है...जितना जल्द पहुँच जाए उतना बेहतर... 
  2. सफारी वर्ल्ड के दो भाग है... सफारी पार्क और मरीन पार्क.. दोनों के अलग अलग टिकट है..  बेहतर है आप दोनों टिकट लें... चेक करे शायद ट्रेवल एजेंट से टिकट सस्ता मिल जाए ....  हमें ट्रेवल एजेंट ने दोनों टिकट ७५० बाहत में दिए.. सफारी वर्ड में इनकी कीमत ८०० बाहत है.... और टिकट लेने पर गाड़ी भी सस्ती मिली...
  3. मरीन पार्क पहले देख ले.. लगभग सभी शो सुबह होते है.. 
  4. बहुत सारे शो है... (शो के लिए अलग से टिकट नहीं है) पहले से तय कर ले आपको कौनसा/से शो देखना है.... अगर आप सारे शो देखते है तो आप पक्षियों और जन्तुओ को करीब से देखने का मौक़ा खो देगें..
  5. डोल्फिन शो जरुर देखे.. बहुत खूबसूरत है..
  6. जिराफ टेरेस शानदार है.. आप जिराफ को छू सकते है.. खिला सकते है.... कोल्ड ड्रिंक पीकर थकान दूर करते हुए उन्हें निहार सकते है...
  7. Animal Feeding बहुत पोपुलर है.. काफी जगह है.. केवल ४० बाहत लगते है.... 
  8. मरीन पार्क करीब तीन -चार घंटे में घूम सकते है और सफारी पार्क देखने मे करीब एक घंटा लगता है...  सफारी पार्क में अपनी कार से जाए तो बेहतर..वरना २० बाहत में बस का टुअर कर सकते है.. अपनी कार हो तो आप अपनी इच्छा अनुसार कम या ज्यादा समय रुक सकते है.. 
  9. मरीन पार्क से बाहर जाते हुए री-एंट्री स्टाम्प लगवा सकते है... क्या पता फिर आने का मुड बन जाए..
  10. सफारी वर्ल्ड बहुत व्यवस्थित तरीके से बनाया हुआ है..  फोटोग्राफी की प्रचुर संभावनाए है... एक्स्ट्रा बेटरी रखें... 
  11. बाकी थाईलेंड की तरह यहाँ भी शाकाहारी खाने के बहुत कम विकल्प है.. अच्छा ब्रेकफास्ट लेकर आयें..

फोटो देखने के लिए तो आपको आदि के ब्लॉग पर जाना होगा... यहाँ और यहाँ..

(Tag: safari world, safari park marine park, bangkok, Thailand, amazing Thailand)

आल इज वेल...

सुबह से सब परफेक्ट था.. सब कुछ इतना सामान्य की ताज्जुब हो रहा था... एसा भी हो सकता है क्या.. तय वक्त पर तैयार होना.. आदि का अच्छे मुड में होना..बिना ट्रेफिक में फंसे एअरपोर्ट पहुँच जाना... बोर्डिंग कार्ड के लिए कोई कतार नहीं होना.. ६० किग्रा अतिरिक्त वजन होने पर भी एयरलाइन का केवल ३० किलो के लिए पैसे लेना :)... इमिग्रेशन एक मिनिट में हो जाना.. सुरक्षा जांच के लिए कोई लाइन न होना.. फलाईट के लिए २ घंटे का इंतज़ार आराम से बीत जाना.. आदि का प्ले एरिया में मस्ती करते हुए लंच कर लेना.. बोर्डिंग करके टेक आफ से पहले ही आदि का सो जाना.. और अगले तीन  घंटे तक सोते रहना...

खुशफेमिया.. यहीं ख़त्म नहीं हुई.. बैंकाक एअरपोर्ट पर कस्टम जांच बिना निकल जाना (सामान्यतः बैकाक में कस्टम जांच पर सारे सामान का एक्सरे होता है.. ). खैर... इन सभी को इंजॉय करते करते हम अपने नए अपार्टमेन्ट में पहुँच गए.. अपार्टमेंट हमारी अपेक्षाओं के हिसाब से तैयार था.. सब कुछ परफेक्ट..... शायद तूफान के पहले की खामोशी थी.. या कहें की किसी बड़ी विपदा के लिए ऊर्जा बचाने की जुगत थी.. और वो शुरू हुई जब मैंने रिशेप्सन पर पूछा की "मेरे दफ्तर से मेरे लिए एक लिफाफा रखा है, वो दे सकते है?".. पहले जबाब मिला नहीं रखा.. और फिर जबाब मिला की कुछ देर में ढूंढ़ कर देते है.. कुछ देर जब ज्यादा होने लगी तो फिर से पता किया.. और काफी मशक्कत के बाद पता चला की वो खो गया है.. गलती से किसी और को दे दिया.. और वो महाशय उसे पराई अमानत समझ अपार्टमेंट में ही छोड़ कर चले गए और सफाई करने वालो ने अपना फर्ज निभाते हुए उसे कचरे के हवाले कर दिया.. उस लिफाफे में कुछ ख़ास नहीं था.. बस एक वीजा फीस जमा कराने की रसीद थी.. और वीजा इंटरव्यू सुबह ८ बजे था.. और मुझे करीब ७.३० पर पहुँचना था.. बिना रसीद के इंटरव्यू में जा नहीं सकता.. और रविवार रात ९ बजे दूसरी फीस जमा नहीं हो सकती.. सुबह पोस्ट ऑफिस ८ बजे खुलती है.. और ८.३० से पहले दुबारा फीस जमा नहीं हो सकती... वीजा अपोइन्टमेंट विशेष अनुरोध पर मिला था.... और रात के ९ बजे बदल भी नहीं सकता था... समझ पर ताले लग गए.. और रास्ते सारे बंद नजर आने लगे.. स्थानीय साथियों से विकल्प का पता किया तो निराशा के अलावा कुछ नहीं मिला.... आखिर गूगल बाबा की शरण में गया.. पता चला की एयरपोर्ट पर एक पोस्ट ऑफिस २४ घंटे खुलती है... कुछ उम्मीद नजर आइ और वंहा पर वीसा फीस भी जमा होती है, और शुकून मिला...पर ये पता नहीं चला ली वीजा फीस भी २४ घंटे जमा होती है..... रिशेप्शन पर बताया.. मेनेजर से बात की.. तो वो तुरंत  एयरपोर्ट जाने के लिए तैयार हो गए..(आखिर उन्हें पता था की उन्होंने कितनी भयंकर भूल की है)..तब तक पोस्ट ऑफिस का फोन नंबर भी मिल गया.. और ये भी पता चल गया की फीस भी २४ घंटे जमा होती है... अपार्टमेन्ट स्टाफ पर ज्यादा भरोसा नहीं था तो खुद भी एयरपोर्ट चल दिया.. ४५ मिनट में  एअरपोर्ट पहुंचे.. एअरपोर्ट में जाने के लिए आपको न आई डी प्रूफ चाहिए न ही टिकट... बस रेल्वे स्टेशन की तरह घूस जाओ... १० मिनिट में फीस जमा हो गई.. और करीब रात १२ बजे फिर से अपने ठीकाने पर थे.. समस्या सुलझ गई...

समाधान तो कुछ मिनिटों में हो गया पर तनाव से २-३ घंटो में.. "आल इज वेल..." और "हरी इच्छा प्रबल...." दोहराने से शान्ति जरुर मिली...

एअरपोर्ट से वापस आते हुए मैंने मेरे ब्रह्म ज्ञान  "हर समाधान एक नई समस्या की शुरुआत है..  का विस्तार किया... और उसमें एक और वाक्य जोड़ा ...."और हर समस्या का समाधान होता है"... और अभी तक का ज्ञान ये हुआ...

"हर समाधान एक नई समस्या की शुरुआत है, और हर समस्या का समाधान होता है"

"Every solution is the beginning of new problem and every problem has a solution"

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www.blogvani.com चिट्ठाजगत