बैसला जी, राजस्थान में रेल रोकेगें.. अंहिसात्मक तरीके से.. पिछली बार देखी थी अहिंसा? आज फिर है.. गांधीजी आप सुन रहे है ना..आ जाओ वापस अगर सीखना है तो.
Your name is a question, drilled on my heart
5 days ago
बैसला जी, राजस्थान में रेल रोकेगें.. अंहिसात्मक तरीके से.. पिछली बार देखी थी अहिंसा? आज फिर है.. गांधीजी आप सुन रहे है ना..आ जाओ वापस अगर सीखना है तो.
Copyright 2009 -
युगान्तर
Blogspot Theme Design by: Raycreations.net, HostingITrust.com
1 comments:
एक साल पहले भी ऐसा ही अहिंसात्मक आंदोलन कर चुके है.. जिसमे कई जाने गयी थी.. ये कैसी अहिंसा है.. गाँधी जी यदि जीवित होते तो यही सोच रहे होते..
Post a Comment