युगान्तर

वो सुबह कभी तो आयेगी..............

ये कैसी पत्रकारिता..



"टाइम्स ऑफ इंडिया" के दिल्ली टाइम्स में मुख्य पृष्ठ पर बलात्कार के आरोपी अभिनेता "शाइनी आहुजा" कि तस्वीरों के साथ उनकी पत्नी का इंटरव्यु छपा है.. शाइनी तीन महिने हवालात में रह कर अब जमानत पर बाहर आयेगा.. बहुत महान काम के लिये वो जेल में गये थे.. एक आरोपी को महिमा मंडित कर समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं.. गलत कारणों से सुर्खिया बटोरने वाले इन तथाकथित पेज तीन के लोगों के अपराध को इस तरह से पेश करना जैसे कुछ नहीं हुआ हो? क्या ये पीडितों के घाव पर नमक छिड़कने जैसा नहीं है...

जो सवाल "ToI" ने शाइनी कि पत्नी से पुछे अगर वो ही सवाल उस पीडिता से पुछे जाते तो क्या जबाब मिलता? पढिये पीडि़ता का काल्पनिक इंटरव्यु-

दो जुते लगाऊगीं...


सवाल - क्या आपको अनुमान था कि "शाइनी" को जमानत मिल जायेगी?
जबाब - हमको तो कानून पर भरोसा था, लग रहा था कि अब वो जेल में सारी उम्र चक्की पिसेगा, पर अब क्या बताऐं.. बडे़ लोग है.. तिक्कडम लगा कर बाहर आ ही गया...


सवाल - गुरुवार को क्या खास था, जिससे उसे जमानत मिल गई?
जबाब -  हम क्या बताऐं, लगता है हमारा केस लड़ने वाले थक गये और उसे बाहर निकाल दिया...


सवाल - आपने कैसी प्रतिक्रिया दी जब आपने सुना कि "शाइनी" को जमानत मिल गई?
जबाब -  मैं तो चक्कर खाकर गिर गई.. हमने सोचा था कि सारी उम्र जेल में रहेगा, पर बड़े लोग बड़ी बातें..


सवाल - आप "शाईनी" से मिलने कि क्या योजना बना रहे हैं... - चूम कर या गले लगा कर..
जबाब - (रोते हुऐ) दो जुते लगाउंगी... पूरे परिवार को लेकर पहूचुगी.. मौका मिला तो खुब धुनाई करुंगी..


सवाल - क्या इससे आप "शाइनी" के और करीब आई..
जबाब -  करीब? अरे वो तो हमारी नजरों से गिर गया... 


सवाल - क्या आप वापस गाँव जाने कि योजना बना रहे हैं?
जबाब -  ना जी, जब तक इस केस का फैसला नहीं जाता और दोषियों को सजा नहीं मिलती हम कहीं नहीं जायेगें..


सवाल - क्या आपके उसकी आजादी की दुआ कि थी?
जबाब -  आजादी की दुआ? हम तो हर मंगल सिद्धीविनायक मंदिर में उसे सजा दिलाने की कामना करती थी.. पर भगवान भी हम गरीबों कि कहां सुनता है.. 


सवाल - "शाइनी’ कि तबियत अब कैसी है?
जबाब -  अरे जब ईमान (moral)  ही गिर गया उसकी तबियत का क्या.. 


सवाल - क्या आपको बुरा लगा कि "शाइनी" को मुंबई में रहने से मना कर दिया..
जबाब -  अरे वो तो धरती पर हि रहने लायक नहीं है.. उसे मुंबई तो क्या कहीं नहीं रहने देना चाहिये.. पर जब वो बाहर आ ही गया तो क्या फर्क पड़ता है कि वो कहां रहे.. बडे़ लोग है..


सवाल - क्या "शाइनी" फिल्मोम में आयेगा?
जबाब -  पब्लिक जुते मारेगी आयेगा तो... कौन अपने पैसे बर्बाद करेगा एसे लोगों कि फिल्म देख कर..




******
आदि कि खबर यहां पर

4 comments:

पी.सी.गोदियाल October 3, 2009 at 12:57 PM  

पैसा, सब पैसे की माया है, पत्रकारों को भी एक ग्रास मिल जाए तो भला-बुरा सब गया भाड़ में ! पब्लिक भी वेवकूफ है, बहुत ही कमजोर याददास्त रखती है !

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey October 3, 2009 at 2:55 PM  

इसके पहले जिस बलात्कार के आरोपी को जमानत मिली हो, उसका भी इण्टरव्यू ठेल सकते हैं पत्रकार! :)

Vishal Mishra October 3, 2009 at 3:59 PM  

behatareen likha hai... page 3 wale to gay aur savita bhabhi ke bhi pakshdhar hain... inke pas koi kaam nahi hai.... ye patrakar hote hi nahi....

कुश October 3, 2009 at 4:52 PM  

मानवीय संवेदनाये आजकल सिर्फ रियल्टी शो के लिए ही बची रह गयी है.. बलात्कारियों का इंटरव्यू लेना कैसी मानसिकता है ?

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